यह वायरस अब सौ से अधिक देशों में फैल चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसे महामारी घोषित कर दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2018-19 में भारत के 507 अरब डॉलर के आयात में 26 प्रतिशत हिस्सा लौह एवं इस्पात तथा अजैवी रसायनों का रहा था। वायरस की वजह से इन क्षेत्रों पर सबसे कम असर पड़ा है। रिपोर्ट कहती है कि लौह एवं इस्पात क्षेत्र पर कोरोना वायरस का असर कम रहेगा क्योंकि भारत द्वारा चीन से इसका सिर्फ 11 प्रतिशत का आयात किया जाता है।
यह वायरस अब सौ से अधिक देशों में फैल चुका है।